बिहारशरीफ/नालंदा: नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के साठोपुर गांव स्थित नहर के समीप एक दिहाड़ी मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बियावानी गांव निवासी स्वर्गीय बसंत रविदास के 45 वर्षीय पुत्र कैलू रविदास के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार कैलू रविदास मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार दोपहर काम से लौटने के दौरान वह घर जा रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी और लू के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे नहर किनारे गिर पड़े। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं।
शाम के समय खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों ने नहर के पास शव पड़ा देखा और इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव को घर ले गए। बाद में दीपनगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेज दिया।
इस बीच पोस्टमार्टम में देरी को लेकर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। बियावानी पंचायत के मुखिया प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद चिकित्सकों द्वारा कागजी प्रक्रिया का हवाला देकर पोस्टमार्टम में देरी की जा रही है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
