अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगामी जी-7 सम्मेलन और वैश्विक व्यापार वार्ताओं को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, व्यापार सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने की तैयारी में जुटे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह सम्मेलन आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और विभिन्न देशों के बीच समन्वय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कई देशों के प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों के माध्यम से व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। सम्मेलन से वैश्विक बाजारों और निवेशकों की भी काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।