नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के गबड़ा गोदाम निवासी 75 वर्षीय राजमणि राजेश ने अपने मकान को कब्जा मुक्त कराने और नूरसराय थाना कांड संख्या 72/26 से संबंधित दस्तावेज न्यायालय में समर्पित कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है। मामले को लेकर उन्होंने नूरसराय थाना की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित राजमणि राजेश ने अपने आवेदन में कहा है कि मकान कब्जा मामले में थाना में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा कई बार पूछताछ की प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। उनका आरोप है कि अब तक न तो उनके मकान को कब्जा मुक्त कराया गया है और न ही मामले से संबंधित आरोप पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में संबंधित पक्ष द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
राजमणि राजेश ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिलाधिकारी स्तर पर शिकायत की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित को कब तक राहत मिलती है।
