दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन, अल-नीनो प्रभाव और मौसमीय बदलावों को लेकर वैज्ञानिकों तथा नीति निर्माताओं की चिंता लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम चक्र का असर कृषि, जल संसाधनों, जैव विविधता और मानव जीवन पर व्यापक रूप से पड़ रहा है।
कई देशों में अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। वैज्ञानिक लगातार जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं और सरकारों से पर्यावरण संरक्षण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण अब प्रमुख नीति विषयों में शामिल हो चुके हैं।