बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें अधिकारी: प्रमुख सचिव अपर्णा यू

 उत्तर प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गोंडा स्थित जिला पंचायत सभागार में प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू की अध्यक्षता में प्रदेश के 18 सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील जिलों की बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद भी मौजूद रहे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

समीक्षा बैठक में देवीपाटन, लखनऊ, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर और आजमगढ़ मंडलों के अंतर्गत आने वाले जिलों की तैयारियों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, राहत शिविरों की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता, बाढ़ चौकियों की सक्रियता, दवाओं, खाद्यान्न और पेयजल की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। NDRF और SDRF की टीमों को पूरी तरह अलर्ट रखा जाए, ताकि आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बाढ़ संभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए, आमजन को समय-समय पर सतर्क किया जाए और आपदा से जुड़ी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन ने कहा कि सरकार बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।