भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच तेज

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। जांच आयोग के समक्ष तीसरे दिन की सुनवाई में भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और घटना की प्रत्यक्षदर्शी बताई जा रही ललिता देवी ने अपना पक्ष रखा। दोनों से घटना वाले दिन की परिस्थितियों और घटनाक्रम को लेकर आयोग ने विस्तार से पूछताछ की।

सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में चंदन तिवारी ने दावा किया कि उन्होंने आयोग के समक्ष पूरी घटना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, आयोग ने यह जानने की कोशिश की कि यदि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया था, तो उसके बाद गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

चंदन तिवारी का आरोप है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार डाल दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस उन्हें कुछ दूरी पर ले गई और गोली मार दी। उन्होंने मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।

वहीं, जांच आयोग की कार्यवाही के दौरान प्रत्यक्षदर्शी बताई जा रही ललिता देवी का भी बयान दर्ज किया गया। आयोग ने उनसे घटना के समय मौजूद परिस्थितियों और उनके द्वारा देखे गए घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

उधर, न्यायिक जांच आयोग मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रहा है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।

यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और न्यायिक जांच की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।