मधुबनी: दलित उत्पीड़न मामले में मुखिया और सरपंच समेत चार आरोपित न्यायिक हिरासत में भेजे गए

मधुबनी जिले में दलित के साथ मारपीट और अत्याचार से जुड़े चर्चित मामले में अदालत ने भारत-नेपाल सीमा से सटे मधवापुर पंचायत के मुखिया राजेश कुमार साह, सरपंच बलराम झा समेत चार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपितों ने अदालत में आत्मसमर्पण के साथ जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

जानकारी के अनुसार, इस मामले में मुखिया राजेश कुमार साह, सरपंच बलराम झा, अशोक मिश्रा और विकास चंद्र ठाकुर ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रभात रंजन गुप्ता को छोड़कर अन्य चारों आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय ने कार्रवाई की।

मामले की सुनवाई एससी/एसटी मामलों के प्रभारी स्पेशल जज सह अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार पांडेय की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में पांच आरोपितों के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपितों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले में आगे की सुनवाई नियमानुसार की जाएगी।

यह मामला दलित उत्पीड़न और मारपीट से जुड़ा है, जिसकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।