बक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, तटीय क्षेत्रों में कोबरा का आतंक

गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि और बारिश के कारण बक्सर के तटीय क्षेत्रों में विषैले सांपों, विशेषकर कोबरा के दिखाई देने की घटनाएं बढ़ गई हैं। निचले इलाकों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों, खलिहानों और रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

गोला बाजार समेत कई तटीय इलाकों में लोगों को सांपों के निकलने की लगातार सूचना मिल रही है। जलभराव के कारण सांप अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इस मुश्किल घड़ी में बक्सर के सर्प मित्र हरिओम लोगों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। सांप निकलने की सूचना मिलते ही हरिओम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से उन्हें पकड़कर आबादी से दूर छोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उनकी तत्परता के कारण कई परिवार संभावित खतरे से बच पाए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ सांपों की संख्या भी बढ़ती नजर आ रही है। ऐसे में सर्प मित्र हरिओम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। लोग उन्हें सूचना देकर सहायता प्राप्त कर रहे हैं और वे बिना किसी नुकसान के सांपों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

प्रशासन और विशेषज्ञों ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, जलभराव से बचने तथा सांप दिखाई देने पर स्वयं पकड़ने की कोशिश न करने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर के बीच सर्प मित्र हरिओम का यह प्रयास लोगों के लिए राहत और सुरक्षा का माध्यम बन रहा है।