सामाजिक न्याय के पुरोधा और मंडल आयोग के अध्यक्ष रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी.पी. मंडल की 108वीं जयंती मंगलवार को धनबाद के कोयलानगर स्थित जुबली भवन में धूमधाम और गरिमापूर्ण माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन बैकवर्ड क्लास (ओबीसी) कोल इम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, धनबाद की ओर से किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बी.पी. मंडल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कोयला उद्योग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
समारोह के मुख्य वक्ता आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रो. के.पी. अजीत ने बी.पी. मंडल के जीवन, संघर्ष और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए बी.पी. मंडल का योगदान देश के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
वक्ताओं ने कहा कि बी.पी. मंडल ने पिछड़े वर्गों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आवाज बुलंद की। मंडल आयोग की सिफारिशों ने देश में सामाजिक न्याय और आरक्षण को लेकर व्यापक चर्चा को दिशा दी।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बी.पी. मंडल के विचारों और सामाजिक न्याय के प्रति उनके संघर्ष को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समानता के क्षेत्र में पिछड़े वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजकों ने कहा कि बी.पी. मंडल की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करना नहीं, बल्कि उनके द्वारा उठाए गए सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
समारोह के दौरान बी.पी. मंडल के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने सामाजिक समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही।
