थल के पुराना खड़ी बाजार में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के बीच पूरा क्षेत्र कृष्णमय हो गया। श्रद्धालु देर रात तक भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहे और भजनों पर झूमते नजर आए।
महोत्सव के दौरान “दैय्या दैय्या यशोदा मैय्या, बड़ा नटखट है तेरो नंदलाल” जैसे लोकप्रिय भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया।
दड़मोली और पांखू से पहुंचे भजन गायकों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं पंडाल में सजाई गई भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। बड़ी संख्या में लोगों ने झांकी के दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक ने बताया कि चार दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन सोमवार को रामगंगा और कोकिला नदी के त्रिवेणी संगम पर डोला विसर्जन के साथ किया जाएगा। महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
