सदियों पुरानी परंपरा के निर्वहन के तहत सिंदरी में वर्ष 2026 का रावण दहन धूमधाम संपन्न सिंदरी /धनबाद : पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ धनबाद कोयलांचल के सिंदरी स्थित शाहरपुरा शिव मंदिर में रावण महोत्सव पारंपरिक रूप से वर्ष 2026 की भी संपन्न हो गई। इस बार रावण का पुतला 60 फीट ऊंचा तथा 40 फीट चौड़ा था। पूरे उत्साह के साथ रावण दहन महोत्सव को लेकर इस बार भी आकर्षक झांकी के तौर पर राम रथ यात्रा निकली गई। इस यात्रा में प्रभु राम लक्ष्मण एवं हनुमान का रूप में मानव की साज सज्जा आकर्षक रही। रथ यात्रा में लाठी भांजने का प्रदर्शन उपस्थित लोगों को काफी आकर्षित किया। शिव मंदिर परिसर में रावण महोत्सव को लेकर भारी भीड़ जुटी हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भी परिसर में एकत्रित हुई थी। वर्ष 1955 -56 अर्थात दशकों से चली आ रही सिंदरी की आकर्षक रावण महोत्सव हर वर्…

धनबाद कोयलांचल के सिंदरी स्थित शाहरपुरा शिव मंदिर परिसर में वर्ष 2026 का रावण दहन महोत्सव पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। दशकों से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग परिसर में जुटे।

इस वर्ष रावण का पुतला 60 फीट ऊंचा और 40 फीट चौड़ा बनाया गया था, जो महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा। रावण दहन के अवसर पर आकर्षक झांकियों के साथ भगवान श्रीराम की रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के रूप में सजे कलाकारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

रथ यात्रा के दौरान लाठी चलाने की कला का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखने के लिए लोग उत्साहित नजर आए। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था और उत्सव का माहौल बना रहा। हर वर्ष की तरह इस बार भी रावण महोत्सव को लेकर शाहरपुरा शिव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

स्थानीय परंपरा के अनुसार, सिंदरी में रावण महोत्सव वर्ष 1955-56 से आयोजित होता आ रहा है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। हर साल लोग इस आयोजन में शामिल होकर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं।

सिंदरी का रावण दहन महोत्सव एक बार फिर परंपरा, आस्था और सामुदायिक उत्साह का केंद्र बना।