Himanta Biswa Sarma ने भाजपा के चुनावी घोषणापत्र जारी करते समय बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में जिलाधिकारियों (डीएम) को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित करें और अतिक्रमित जमीन को वापस दिलाएं।
मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को राज्य की भूमि सुरक्षा और नागरिकता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। उनका कहना है कि इससे अवैध घुसपैठ और जमीन पर अवैध कब्जों पर सख्ती से रोक लगाई जा सकेगी।
हालांकि, इस तरह के प्रस्ताव को लेकर कानूनी प्रक्रिया, नागरिक अधिकारों और पहचान की सत्यता** जैसे मुद्दों पर बहस भी तेज हो सकती है, क्योंकि किसी व्यक्ति को “संदिग्ध” घोषित करने और निर्वासन जैसी कार्रवाई में स्पष्ट नियम और न्यायिक प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है।









