बिहार के नालंदा जिला मुख्यालय में बुधवार को सियासी माहौल उस समय गर्म हो गया जब राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) की जिला इकाई ने महागठबंधन के खिलाफ जोरदार धिक्कार मार्च निकाला।
यह धिक्कार मार्च 17 अप्रैल को लोकसभा में परिसीमन सुधार और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में महागठबंधन दलों द्वारा किए गए मतदान के खिलाफ आयोजित किया गया।
प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। इस दौरान सड़कों पर जमकर नारेबाजी हुई और पूरा इलाका राजनीतिक गतिविधियों से गूंज उठा।
आरएलएम के जिलाध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने कहा कि यदि यह विधेयक पास हो जाता तो बिहार में महिलाओं को बड़ा राजनीतिक अधिकार मिलता, लेकिन महागठबंधन के विरोध के कारण यह अवसर प्रभावित हुआ है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया।











