उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के जिला पंचायत सभागार में शिक्षामित्रों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर से की और शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को स्कूल भेजना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षक, अभिभावक और समाज की भी समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में क्लासरूम, शौचालय, पेयजल और फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या पहले 19 प्रतिशत थी, जो अब घटकर करीब 3 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने अभिभावकों के बढ़ते विश्वास का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पीएम श्री स्कूल, मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और अटल आवासीय स्कूल जैसी योजनाओं के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।
