रामगढ़। गांधी जयंती के अवसर पर झारखंड के रामगढ़ जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर लोगों ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों को नमन किया।
रामगढ़ की धरती का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष महत्व रहा है। गांधी जयंती के अवसर पर यहां के ऐतिहासिक घटनाक्रम और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी स्मृतियां एक बार फिर चर्चा में रहीं। दामोदर नदी के तट पर स्थित मुक्तिधाम भी रामगढ़ की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां महात्मा गांधी का अस्थि कलश रखा गया था।
कार्यक्रम के दौरान हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल और रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज ने भी अपने विचार साझा किए। गांधी जी के सत्य, अहिंसा और राष्ट्रसेवा के सिद्धांतों को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर देश के स्वतंत्रता आंदोलन तथा राष्ट्र निर्माण में दोनों महापुरुषों के योगदान को याद किया गया। उनके विचार आज भी समाज में सद्भाव, ईमानदारी, सेवा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्मृतियां नई पीढ़ी को देश के इतिहास से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
