साहिबगंज में क्रशर संचालन के विरोध में पहाड़िया ग्रामीणों ने उठाई आवाज, विस्फोट से घरों में दरार आने का आरोप

झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड अंतर्गत डोराय पहाड़ गांव के पहाड़िया समुदाय और अन्य आदिवासी परिवारों ने बास पहाड़ में संचालित क्रशर इकाइयों के खिलाफ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने क्रशर संचालन और कथित अनियंत्रित विस्फोटक के इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्रशर इकाइयों में किए जा रहे विस्फोट के कारण उनके घरों की दीवारों में दरारें आ रही हैं। इसके अलावा प्राकृतिक जलस्रोतों और आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गतिविधि से उनका जनजीवन प्रभावित हो रहा है और भविष्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्रशर संचालन का विरोध करने पर उन्हें कथित तौर पर जान-माल की धमकियां दी जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से संयुक्त उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने क्रशर इकाइयों के संचालन की वैधता, विस्फोटक के इस्तेमाल की अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की अपील की है।

इसके साथ ही प्रभावित घरों का वैज्ञानिक परीक्षण कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन कब तक जांच शुरू करता है और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।