यूपी के बलिया में 65 साल पुरानी डिक्री और ताजा प्रशासनिक कार्रवाई आमने-सामने आ गई है। मामला विशुनीपुर स्थित खसरा संख्या 33 की भूमि से जुड़ा है, जहां कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले नगर पालिका और जिला प्रशासन की टीम ने अवैध अतिक्रमण का हवाला देते हुए कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और अगली सुनवाई तक प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का दावा है कि 27 फरवरी 2026 तक नगर पालिका के रिकॉर्ड (खतौनी) में उनका नाम दर्ज था, लेकिन अचानक नाम हटा दिया गया और प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंच गया।
कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल विवादित भूमि पर किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लग गई है |
