झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) की पहल से राज्य सरकार के खाते में 220 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ है। यह जानकारी समिति के सभापति एवं टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने समीक्षा बैठक के दौरान दी।
समिति ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) तथा जिले में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा रैयतों, सरकारी एवं वन भूमि पर खनन और ओवरबर्डन डंपिंग से संबंधित मामलों की समीक्षा की। बैठक में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक और तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया भी उपस्थित रहे।
समीक्षा के बाद सभापति मथुरा प्रसाद महतो ने बताया कि विशेष समिति की जांच और प्रयासों से यह तथ्य सामने आया कि विभिन्न कोल कंपनियों ने रैयती जमीन के साथ-साथ सरकारी भूमि का भी उपयोग किया है। जांच के बाद संबंधित कंपनियों से राजस्व वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि धनबाद जिले में BCCL द्वारा सरकारी भूमि के उपयोग के एवज में राज्य सरकार को करीब 220 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। समिति ने भूमि उपयोग, खनन गतिविधियों और ओवरबर्डन डंपिंग से जुड़े मामलों की आगे भी निगरानी जारी रखने की बात कही।
समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी, वन एवं रैयती भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए।
