बिहार के मधुबनी जिले के 19 वर्षीय छात्र सोमनाथ सिंह शिवम की मुंबई स्थित एक समुद्री प्रशिक्षण संस्थान में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि संस्थान की लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान गई और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मृतक सोमनाथ सिंह शिवम मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र के कलुआही गांव निवासी प्रभात रंजन सिंह के छोटे पुत्र थे। परिवार के अनुसार, बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा के उद्देश्य से उन्हें मुंबई भेजा गया था। इसके लिए परिवार ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई की व्यवस्था की थी।
परिजनों के मुताबिक, 28 मई को मुंबई स्थित टी.एस. चाणक्य इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी परिसर में सोमनाथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार सदमे में है और मौत के कारणों को लेकर कई सवाल उठा रहा है।
मृतक के पिता प्रभात रंजन सिंह का आरोप है कि संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। उनका कहना है कि परिसर में सीसीटीवी कैमरों का अभाव था, जिसके कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सोमनाथ तीसरी मंजिल से दुर्घटनावश गिरा या फिर किसी अन्य परिस्थिति में उसकी मौत हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल की खिड़कियों में सुरक्षा ग्रिल नहीं लगी थी। इसके अलावा एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव था। परिवार का दावा है कि यदि समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध होती तो शायद सोमनाथ की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों ने संस्थान में नियमित निगरानी और सुरक्षा पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
मंगलवार शाम पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित संस्थान की जवाबदेही तय करने और पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच कराने की अपील की है।
फिलहाल परिवार न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
