रामगढ़ बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार को झारखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर में माता छिन्नमस्तिका के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यदि भरत तिवारी ने विक्षिप्त अवस्था में कोई घटना की थी, तो पुलिस के पास उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाने और मेडिकल बोर्ड से उसकी जांच कराने का विकल्प मौजूद था। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि पुलिस को कठिन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाता है और कानून के तहत कार्रवाई करना उसकी जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया से गुजारे बिना इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं कही जा सकती।
अशोक चौधरी ने कहा कि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या जवान की गलती साबित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
रजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान मंत्री ने राज्य और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपना पक्ष रखा।
