जमशेदपुर भारतीय डाक विभाग द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और डाक सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही रक्षाबंधन प्रतियोगिता के तहत टेल्को स्थित हिल टॉप स्कूल की प्राचार्या श्रीमती उमा तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की गई। इस दौरान विद्यालय में प्रतियोगिता आयोजित करने का अनुरोध किया गया।
प्राचार्या उमा तिवारी ने भारतीय डाक विभाग की इस अनूठी पहल का स्वागत करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात की सराहना की कि प्रतियोगिता में दिव्यांग (Differently-Abled) बच्चों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों को भी शामिल किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ समाज में समानता, समावेश और संवेदनशीलता का संदेश भी देगा।
उमा तिवारी ने कहा कि डाक विभाग का यह प्रयास केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रेम, अपनापन और रक्षाबंधन की मिठास पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने हाथों से बनाई गई राखियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधन ने भारतीय डाक विभाग की इस पहल को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन में पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया।
