भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: ₹50 लाख अनुदान के दावे पर सियासी घमासान, मां ने किया खारिज

भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग के बीच अब ₹50 लाख सरकारी अनुदान को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के एक बयान के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।

बताया जा रहा है कि बांकिपुर उपचुनाव में जीत के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया कि भरत तिवारी के परिजनों को सरकार की ओर से ₹50 लाख का अनुदान दिया गया है। हालांकि, भरत तिवारी की मां आशा देवी और उनकी अधिवक्ता वर्षा सिंह ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

आशा देवी ने मीडिया के सामने कहा कि उनके परिवार को अब तक किसी भी तरह का ₹50 लाख का सरकारी अनुदान नहीं मिला है। उन्होंने प्रशांत किशोर से अपने दावे के समर्थन में प्रमाण देने की मांग की है।

भरत तिवारी की मां ने कहा कि यदि ₹50 लाख मिलने का दावा सही है तो इसका प्रमाण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमाण नहीं मिलने पर वह प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने पर विचार करेंगी।

इस पूरे विवाद के बीच भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग और सरकारी सहायता को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ₹50 लाख के दावे को लेकर आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।