ठंड के मौसम में जब गरीब और असहाय लोगों के लिए जीवन संघर्ष और कठिन हो जाता है, ऐसे समय में समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले लोग मानवता की सच्ची मिसाल पेश करते हैं। धनबाद जिले में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम भी ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण बना, जहां जरूरतमंदों को ठंड से राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड की सम्मानित सदस्य एवं समाजसेवा को अपना मिशन मानने वाली सुनैना सिंह किन्नर ने किया। उनके नेतृत्व में धनबाद जिले के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों के बीच कंबल वितरित किए गए। इसके साथ ही कुछ जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान सुनैना सिंह किन्नर ने कहा कि ठंड के मौसम में भोजन के साथ-साथ गर्म वस्त्र सबसे बड़ी जरूरत बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न झेले।
यह आयोजन केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज के उन वर्गों के प्रति सम्मान, अपनापन और संवेदना का प्रतीक बना, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा से दूर समझ लिया जाता है। सुनैना सिंह किन्नर लगातार अपने सामाजिक कार्यों से यह संदेश देती रही हैं कि सेवा की कोई पहचान नहीं होती—न जाति की, न वर्ग की और न ही लिंग की।
कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर आई मुस्कान ही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। स्थानीय लोगों ने इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड की सम्मानित सदस्य एवं समाजसेवा को अपना मिशन मानने वाली सुनैना सिंह किन्नर ने किया। उनके नेतृत्व में धनबाद जिले के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों के बीच कंबल वितरित किए गए। इसके साथ ही कुछ जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान सुनैना सिंह किन्नर ने कहा कि ठंड के मौसम में भोजन के साथ-साथ गर्म वस्त्र सबसे बड़ी जरूरत बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न झेले।
