मधुबनी के यूजीसी गाइडलाइन को लेकर देशभर में छात्र संगठनों के द्वारा संभावित आंदोलनों की आशंका के बीच मधुबनी जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मधुबनी पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मधुबनी नगर थाना परिसर में छात्र नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है। यह बैठक पुलिस मुख्यालय, पटना के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई थी। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि यूजीसी गाइडलाइन से संबंधित इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही रोक लगा दी है। बावजूद इसके, यदि कोई छात्र संगठन या अन्य समूह इस गाइडलाइन के विरोध में प्रदर्शन या धरना करने की योजना बनाता है, तो उन्हें पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पहले स्थानीय थाना प्रभारी या पुलिस को लिखित या मौखिक सूचना दी जानी चाहिए, ताकि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा सके और कोई अप्रिय घटना न घटे। जिले में शांति और विधि-व्यवस्था कायम रखना हमारी प्राथमिकता है।” छात्र नेताओं ने भी बैठक में सहमति जताई और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेंगे। एसपी ने छात्रों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार के उग्र प्रदर्शन से बचें। मधुबनी जिला पुलिस सभी थानों पर सतर्कता बरत रही है और संभावित आंदोलनों पर नजर रखे हुए है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पूर्व सूचना के कोई भी प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा। यह बैठक मधुबनी जिले में छात्र आंदोलनों को नियंत्रित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो स्थानीय स्तर पर शांति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।

