पश्चिम चंपारण जिले में सरकार द्वारा 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के बावजूद बिजली चोरी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों में विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ता अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करते पाए गए।
छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने कई घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच में मीटर से छेड़छाड़, मीटर बायपास कर बिजली उपयोग, और सीधे पोल से तार जोड़कर बिजली चोरी करने के मामले पकड़े गए। अधिकारियों ने मौके पर ही अवैध कनेक्शन काट दिए और बिजली चोरी में शामिल लोगों पर जुर्माना लगाया। कुछ गंभीर मामलों में संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के बिजली का उपयोग कर सकें। इसके बावजूद बिजली चोरी करना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे विभाग को आर्थिक नुकसान होता है और ईमानदार उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
