नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा वैश्विक हालात और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर विदेश मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ता तनाव न केवल संबंधित देशों के लिए, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है। ऐसे समय में शांति, संयम और संवाद ही समस्याओं का स्थायी समाधान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ही शांति, स्थिरता और कूटनीतिक समाधान का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद को बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए, न कि हिंसा या टकराव के रास्ते से। भारत वैश्विक मंच पर जिम्मेदार भूमिका निभाते हुए शांति स्थापना के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि सभी देश आपसी मतभेदों को भुलाकर मानवता और वैश्विक सुरक्षा को प्राथमिकता दें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सहयोग, आपसी विश्वास और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान बेहद जरूरी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत विदेश नीति के मोर्चे पर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। देश की सुरक्षा, नागरिकों के हित और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही भारत संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों के माध्यम से शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की संतुलित और जिम्मेदार विदेश नीति मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच एक सकारात्मक संदेश देती है।
