वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत–नेपाल सीमा पर देशभक्ति से ओत-प्रोत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पूर्वी चम्पारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 71वीं बटालियन की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए।
यह भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम छौरादानो उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छौरादानो परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसएसबी 71वीं बटालियन के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार, छौरादानो प्रखंड विकास पदाधिकारी बाशिक हुसैन, अंचलाधिकारी ऋषभ यादव, प्रखंड प्रमुख धीरेंद्र यादव सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” और मां भारती के जयघोष के साथ हुआ। इसके बाद सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा एसएसबी के जांबाज अधिकारियों और जवानों ने एक साथ स्वर में स्वर मिलाकर “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन किया। इस दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने “वंदे मातरम” गीत के इतिहास और उसके राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है और आज भी राष्ट्रभक्ति, एकता और अखंडता का प्रतीक बना हुआ है।

यह भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम छौरादानो उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छौरादानो परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसएसबी 71वीं बटालियन के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार, छौरादानो प्रखंड विकास पदाधिकारी बाशिक हुसैन, अंचलाधिकारी ऋषभ यादव, प्रखंड प्रमुख धीरेंद्र यादव सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” और मां भारती के जयघोष के साथ हुआ। इसके बाद सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा एसएसबी के जांबाज अधिकारियों और जवानों ने एक साथ स्वर में स्वर मिलाकर “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन किया। इस दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के नारों से गूंज उठा।
