बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद बगहा SDO कोर्ट कैंप्स से देशी और विदेशी शराब की खाली पाउच और रेपर का ढेर सामने आया है। यह तस्वीर देखकर स्थानीय लोग चौकन्ने हो गए हैं और शराबबंदी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बगहा SDO कोर्ट कैंप्स में स्थित उत्पाद मध निषेध विभाग थाना के ठीक पीछे शराब की खाली पाउच और रेपर फेंके गए हैं। आसपास के दुकानों में लोग शराब पीकर इनको इधर-उधर फेंक रहे हैं। महिला दुकानदारों ने भी इस समस्या की शिकायत की है और इस पर रोक लगाने की मांग की है।
इस पर उत्पाद थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि मामले का संज्ञान लिया गया है और जल्द ही सफाई एवं निगरानी की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सामाजिक कार्यकर्ता इसे प्रशासन की नाकामी बता रहे हैं।
बताया गया है कि बगहा कोर्ट कैंप्स में उत्पाद मध निषेध थाना के पीछे कई खाने-पीने की दुकाने हैं, जहां शरारती तत्व और शराबी जमा होते हैं। शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है और इसके पाउच व रेपर की ढेर तस्वीर उत्पाद थाना के पीछे देखी गई।
यह मामला बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब वितरण और निगरानी की खामियों को उजागर करता है। 2025 में जारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में हजारों लीटर विदेशी शराब और लाखों लीटर देशी शराब जब्त और विनष्ट की गई। बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।

बताया गया है कि यह शराब पाउच और रेपर उत्पाद मध निषेध थाना के ठीक पीछे फेंके गए हैं, जिससे आसपास के दुकानदार और नागरिक परेशान हैं। महिला दुकानदारों ने भी शिकायत की है कि आसपास के लोग शराब पीकर इसे इधर-उधर फेंक देते हैं।
इस पर उत्पाद थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने संज्ञान लिया और जल्द ही सफाई और निगरानी की बात कही। बावजूद इसके, इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद कैसे शराब और इसके पाउच इतनी आसानी से जमा हो जाते हैं।
