रांची।
झारखंड में कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य के राज्यपाल ने कोचिंग सेंटरों को नियंत्रित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्यभर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए सरकारी पंजीकरण अनिवार्य हो गया है।
नए कानून के तहत अब कोई भी कोचिंग सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित नहीं किया जा सकेगा। सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना सभी संस्थानों के लिए जरूरी होगा। इस कदम का उद्देश्य छात्रों के हितों की सुरक्षा, फीस में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन लाना बताया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कानून में कोचिंग संस्थानों की मान्यता, शिक्षकों की योग्यता, आधारभूत सुविधाएं, फीस संरचना और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। साथ ही, भ्रामक विज्ञापन और मनमानी फीस वसूली पर भी रोक लगेगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटर्स के खिलाफ जुर्माना, नोटिस और पंजीकरण रद्द जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। लंबे समय से राज्य में बिना मान्यता चल रहे कोचिंग संस्थानों और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के लागू होने से
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छात्रों को सुरक्षित और नियंत्रित शैक्षणिक माहौल मिलेगा
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अभिभावकों को फीस और सुविधाओं को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलेगी
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अवैध और गैर-पंजीकृत कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी रोक लगेगी
निष्कर्ष:
झारखंड में कोचिंग सेंटरों को लेकर लागू किया गया यह कानून शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

