बिहार आजादी के नायक गांधी को नमन,सुरेंद्र महतो की अगुवाई में गांधी पुण्यतिथि समारोह आयोजित। महात्मा गांधी की 78 वीं पुण्यतिथि पर जयनगर प्रखंड कांग्रेस कमेटी कार्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार महतो ने की। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने बापू के सत्याग्रह, अहिंसा और स्वदेशी जैसे सिद्धांतों को याद करते हुए भारत की आजादी में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। वही मौके पर उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने वक्तव्य मे गांधी के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष गुड्डू शाह, नगर अध्यक्ष अरुण प्रधान, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष रामचंद्र शाह, रविंद्र पोद्दार, प्रदीप पंजियार, मोहम्मद इम्तियाज तथा भाकपा माले के नेता भूषण सिंह, अवधेश सिंह और रामविलास शाह उपस्थित थें। गुड्डू शाह ने अपने संबोधन मे कहा, “महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के बल पर अंग्रेजी हुकूमत को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। आज के दौर में भी उनकी सोच हमें सामाजिक सद्भाव और अहिंसा का पाठ पढ़ाता है। पार्टी के नगर अध्यक्ष अरुण प्रधान ने गांधीजी के चरखा और स्वदेशी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में बापू की रणनीति ने करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया। पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र शाह ने बापू के ‘राम राज्य’ की अवधारणा पर जोर देते हुए वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में नैतिकता की आवश्यकता बताया। रविंद्र पोद्दार ने अपने सबो धन मे कहा, गांधीजी ने नमक सत्याग्रह से सामान्य जन को आंदोलन का हिस्सा बनाया, जो आज भी सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। प्रदीप पंजियार और मोहम्मद इम्तियाज ने गांधीजी के हिंदू-मुस्लिम एकता के संदेश को दोहराया, जो मिथिला क्षेत्र जैसे विविधतापूर्ण इलाकों के लिए आज प्रासंगिक है। भाकपा माले के नेता भूषण सिंह ने वामपंथी दृष्टिकोण से बापू को शोषित-पीड़ितों के पक्षधर होने का सराहना किया है, जबकि अवधेश सिंह और रामविलास शाह ने युवाओं को गांधी जी के सिद्धांतों से जोड़ने पर बल दिया। प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार महतो ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, भारत माता की आजादी गांधीजी की सत्य-अहिंसा की बदौलत ही संभव हुई। बता दें कि जयनगर कांग्रेस कमेटी बापू के सपनों को साकार करने के लिए कटिबद्ध है।” कार्यक्रम के अंत में सभी कांग्रेसियों ने गांधीजी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और उनके आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। ये आयोजन जयनगर प्रखंड में गांधी जयंती और पुण्यतिथि को जीवंत रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर ऐसे कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता बढ़ाते हैं और राजनीतिक दलों को गांधीवादी मूल्यों से प्रेरित होने का अवसर प्रदान करता हैं। आज के समय मे मिथिला क्षेत्र में सांस्कृतिक और राजनीतिक लोगों के बीच गांधीजी के विचारों का प्रसंगिक है।

